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आईवीएफ फेल होने के कारणों को दर्शाती महिला जो प्रेग्नेंसी टेस्ट को चिंता के साथ देख रही है
आईवीएफ फेल होने के कारण जानना हर कपल के लिए अगला सही कदम तय करता है

बहुत से दंपती जब आईवीएफ इलाज शुरू करते हैं, तो उनके मन में एक ही उम्मीद होती है कि अब संतान सुख मिल जाएगा। लेकिन जब नतीजा मन के अनुसार नहीं आता, तो दिल में सबसे पहला सवाल उठता है कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती। यह सवाल केवल इलाज से जुड़ा नहीं होता, बल्कि भावनाओं, उम्मीदों और भविष्य की चिंता से भी जुड़ा होता है। इसी वजह से आज बड़ी संख्या में लोग आईवीएफ फेल होने के कारण जानना चाहते हैं, ताकि वे समझ सकें कि कमी कहाँ रह गई।

आईवीएफ कोई साधारण प्रक्रिया नहीं है। यह शरीर की अंदरूनी स्थिति, हार्मोन संतुलन, गर्भाशय की परत और अंडाणु की गुणवत्ता पर निर्भर करता है। कई बार बाहर से सब कुछ सामान्य दिखाई देता है, फिर भी आईवीएफ फेल होने के कारण धीरे-धीरे सामने आते हैं। कुछ लोगों के शरीर में दवाओं का असर सही तरह से नहीं हो पाता, तो कुछ में छुपी हुई समस्याएँ इलाज के रास्ते में रुकावट बन जाती हैं।

बहुत से लोग फिर से यही पूछते हैं कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती, जबकि रिपोर्ट सामान्य आती हैं। सच्चाई यह है कि हर शरीर अलग होता है और हर शरीर का इलाज को स्वीकार करने का तरीका भी अलग होता है। यही अंदरूनी फर्क कई बार आईवीएफ फेल होने के कारण बन जाता है।

यह लेख आपको उन असली मेडिकल कारणों को सरल भाषा में समझाने के लिए लिखा गया है, और साथ ही नए समय में आए उन मेडिकल समाधानों की जानकारी देने के लिए भी, ताकि आप आगे का कदम भरोसे के साथ उठा सकें।

आईवीएफ फेल होने के कारण क्या हैं

जब कोई दंपती यह इलाज शुरू करता है, तो मन में सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती। हर शरीर की बनावट अलग होती है और हर शरीर दवाओं को अलग तरह से स्वीकार करता है। इसी वजह से आईवीएफ फेल होने के कारण भी हर व्यक्ति में अलग हो सकते हैं। कई लोगों में हार्मोन का संतुलन बिगड़ा होता है, कुछ में गर्भाशय की परत कमजोर होती है और कुछ में अंडाणु की गुणवत्ता कम होती है

आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती – आम कारण

बहुत से लोग बार-बार यही पूछते हैं कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती, जबकि उनकी जांच रिपोर्ट सामान्य आती हैं। इसका कारण यह है कि शरीर के भीतर कई प्रक्रियाएँ ऐसी होती हैं जो सामान्य रिपोर्ट में साफ़ दिखाई नहीं देतीं। यही छुपी हुई गड़बड़ियाँ आगे चलकर आईवीएफ फेल होने के कारण बन जाती हैं।

आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती, इसका एक बड़ा कारण हार्मोन का असंतुलन होता है। जब सही समय पर सही मात्रा में हार्मोन नहीं बनते, तो गर्भाशय पूरी तरह तैयार नहीं हो पाता।
• हार्मोन का असंतुलन
• अंडाणु की कमजोर गुणवत्ता
• लंबे समय तक तनाव
• नींद की कमी

संगठन के अनुसार, हार्मोन असंतुलन गर्भ ठहरने की संभावना को कम कर सकता है।

आईवीएफ को लेकर सबसे बड़ी गलतफहमियाँ

कई लोगों को लगता है कि एक बार इलाज शुरू कर देने के बाद सफलता अपने आप मिल जाएगी। यही सोच कई बार आईवीएफ फेल होने के कारण बन जाती है। लोग जरूरी जांच और शरीर की तैयारी को हल्के में ले लेते हैं। उम्र के असर को नज़रअंदाज़ करना भी एक बड़ी भूल है, क्योंकि बढ़ती उम्र के साथ अंडाणु की गुणवत्ता घटती है और इससे बार-बार आईवीएफ फेल होना जैसी समस्या पैदा होती है।
• उम्र का असर न मानना
• दवाओं को समय पर न लेना
• शरीर की तैयारी को हल्के में लेना

आईवीएफ फेल होने से पहले दिखने वाले संकेत

इलाज के दौरान शरीर कई बार पहले ही संकेत देने लगता है, जिन्हें लोग समझ नहीं पाते। बार-बार गर्भ न ठहरना, लगातार कमजोरी और हार्मोन रिपोर्ट में बदलाव यह दिखा सकता है कि आगे चलकर बार-बार आईवीएफ फेल होना संभव है। ऐसी स्थिति में लोग फिर से यही सोचने लगते हैं कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती और चिंता बढ़ने लगती है।
• लगातार थकान
• हार्मोन रिपोर्ट में गिरावट
• बार-बार नकारात्मक नतीजा

“समय रहते पहचाना गया छोटा संकेत आगे की बड़ी परेशानी को रोक सकता है।

आईवीएफ असफल होने के मेडिकल कारण

कई लोग यह मान लेते हैं कि इलाज सही जगह से हो रहा है तो परिणाम अपने आप मिल जाएगा, लेकिन ऐसा हर बार नहीं होता। असल में आईवीएफ असफल होने के मेडिकल कारण शरीर की अंदरूनी स्थितियों से जुड़े होते हैं। हार्मोन का संतुलन, अंडाणु की गुणवत्ता, गर्भाशय की तैयारी और प्रतिरक्षा तंत्र की प्रतिक्रिया मिलकर यह तय करते हैं कि गर्भ ठहरेगा या नहीं। यही वजह है कि कई मामलों में आईवीएफ फेल होने के कारण धीरे-धीरे सामने आते हैं और पहले से दिखाई नहीं देते।

अंडाणु की खराब गुणवत्ता

अंडाणु की गुणवत्ता सही न होने पर गर्भ ठहरने की संभावना अपने आप घट जाती है। यही स्थिति कई बार आईवीएफ असफल होने के मेडिकल कारण बन जाती है। उम्र बढ़ने, पोषण की कमी और लंबे समय तक तनाव रहने से अंडाणु कमजोर हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में इलाज ठीक तरह से होने के बावजूद भी बार-बार आईवीएफ फेल होना देखा जाता है।
• बढ़ती उम्र
• पोषण की कमी
• लंबे समय तक तनाव

शुक्राणु डीएनए समस्या

कई बार पुरुष पक्ष में मौजूद डीएनए से जुड़ी समस्याएँ भी आईवीएफ असफल होने के मेडिकल कारण बनती हैं। जब शुक्राणु के भीतर आनुवंशिक संरचना सही नहीं होती, तो भ्रूण का विकास ठीक तरह से नहीं हो पाता। यही कारण है कि कुछ मामलों में लोग बार-बार यह पूछते हैं कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती।
• डीएनए क्षति
• कम गतिशीलता
• असामान्य संरचना

गर्भाशय की परत पतली

गर्भाशय की परत पतली होने पर भ्रूण को टिकने के लिए सही सहारा नहीं मिल पाता। यह स्थिति भी आईवीएफ असफल होने के मेडिकल कारण में गिनी जाती है और इससे बार-बार आईवीएफ फेल होना देखा जा सकता है।
• हार्मोन की कमी
• रक्त संचार की कमी
• दवाओं का सही असर न होना

हार्मोन असंतुलन

हार्मोन का सही समय पर और सही मात्रा में बनना बहुत ज़रूरी होता है। जब यह संतुलन बिगड़ जाता है, तो आईवीएफ फेल होने के कारण बनने लगते हैं। यह भी आईवीएफ असफल होने के मेडिकल कारण में शामिल है।
• अनियमित मासिक चक्र
• थायरॉयड से जुड़ी समस्या
• लंबे समय तक तनाव

इम्यून सिस्टम अस्वीकृति

कभी-कभी शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र भ्रूण को बाहरी तत्व मानकर उसे स्वीकार नहीं करता। यह स्थिति आगे चलकर बार-बार आईवीएफ फेल होना और यह सोच पैदा करती है कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती।
• अत्यधिक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया
• सूजन
• अंदरूनी संक्रमण

बार-बार आईवीएफ फेल होना क्यों होता है

जब पहली कोशिश सफल नहीं होती और दूसरी या तीसरी बार भी वही नतीजा आता है, तो मन में यह डर बैठ जाता है कि अब आगे क्या होगा। कई मामलों में बार-बार आईवीएफ फेल होना इसलिए होता है क्योंकि शरीर के भीतर कुछ ऐसी चिकित्सीय स्थितियाँ बनी रहती हैं जिनकी सही पहचान नहीं हो पाती। यही छुपी हुई समस्याएँ धीरे-धीरे इलाज को कमजोर बना देती हैं और आईवीएफ फेल होने के कारण दोहराते चले जाते हैं।

भ्रूण का गर्भाशय में न टिक पाना होने के असली कारण

कई बार भ्रूण गर्भाशय में पहुँच तो जाता है, लेकिन वहाँ टिक नहीं पाता। यही स्थिति आगे चलकर बार-बार आईवीएफ फेल होना पैदा करती है। इसके पीछे गर्भाशय की परत की कमजोरी, रक्त संचार की कमी और सूक्ष्म सूजन जैसी समस्याएँ होती हैं। यही कारण इसे आईवीएफ असफल होने के मेडिकल कारण की श्रेणी में रखता है

• गर्भाशय की परत का पतला होना
• रक्त प्रवाह की कमी
• अंदरूनी सूजन

आनुवंशिक रूप से असामान्य भ्रूण

कभी-कभी भ्रूण के भीतर ही आनुवंशिक असंतुलन होता है। बाहर से सब कुछ ठीक दिखता है, लेकिन अंदर मौजूद यह गड़बड़ी गर्भ ठहरने नहीं देती। इसी वजह से कई लोग यह सवाल करते हैं कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती, जबकि इलाज सही चल रहा होता है। ऐसी स्थिति में बार-बार आईवीएफ फेल होना देखा जा सकता है।

• आनुवंशिक संरचना में गड़बड़ी
• कोशिकाओं का सही विकास न होना
• भ्रूण का जल्दी नष्ट हो जाना

ज़रूरी चिकित्सीय जांचें

बार-बार असफलता के बाद कुछ विशेष जांचें बहुत ज़रूरी हो जाती हैं। यही जांचें छुपे हुए आईवीएफ असफल होने के मेडिकल कारण सामने लाती हैं और आगे के इलाज की दिशा तय करती हैं। कई बार बिना सही जांच के दोबारा इलाज शुरू कर दिया जाता है, जिससे आईवीएफ फेल होने के कारण फिर से दोहराए जाते हैं।

• हार्मोन से जुड़ी जांच
• गर्भाशय की अंदरूनी जाँच
• आनुवंशिक जांच

इलाज के दौरान होने वाली सबसे आम चिकित्सीय गलतियाँ

इलाज के दौरान छोटी-छोटी लापरवाहियाँ भी बड़ा असर डाल सकती हैं। दवाओं का सही समय पर न लेना, शरीर की तैयारी को हल्के में लेना और जांचों को टालना ऐसी गलतियाँ हैं जो आगे चलकर बार-बार आईवीएफ फेल होना और यह सोच पैदा करती हैं कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती। यही बातें धीरे-धीरे आईवीएफ फेल होने के कारण बन जाती हैं।
• दवाओं में लापरवाही
• जरूरी जांचों को टालना
• शरीर की तैयारी को नजरअंदाज करना

2026 के नए मेडिकल समाधान

आज के समय में इलाज की दिशा तेज़ी से बदल रही है। पहले जहाँ केवल दवाओं और सामान्य जांचों पर भरोसा किया जाता था, वहीं अब हर व्यक्ति के शरीर को समझकर इलाज किया जा रहा है। 2026 के नए तरीकों में शरीर की अंदरूनी तैयारी, भ्रूण की गुणवत्ता और गर्भाशय की सही स्थिति पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। यही वजह है कि अब आईवीएफ फेल होने के कारण को पहले ही पहचान लिया जाता है और इलाज उसी अनुसार बदला जाता है। इन आधुनिक तरीकों से आईवीएफ असफल होने के मेडिकल कारण को भी बेहतर ढंग से संभाला जा रहा है ताकि सफलता की संभावना बढ़ सके।

भ्रूण की आनुवंशिक जांच

इस जांच में भ्रूण के भीतर मौजूद आनुवंशिक संरचना को परखा जाता है। इससे यह समझा जा सकता है कि कौन सा भ्रूण स्वस्थ है और कौन सा आगे चलकर समस्या पैदा कर सकता है। यही प्रक्रिया आईवीएफ असफल होने के मेडिकल कारण को पहचानने में मदद करती है और आगे चलकर बार-बार आईवीएफ फेल होना जैसी स्थिति से बचाव करती है।
• भ्रूण की कोशिकाओं की जांच
• कमजोर भ्रूण की पहचान
• स्वस्थ भ्रूण का चयन

गर्भ ठहरने की सही समय सीमा की जांच

हर शरीर का गर्भ ठहरने का समय अलग होता है। इस जांच से यह पता चलता है कि भ्रूण को कब गर्भाशय में रखा जाए ताकि वह सही तरह से टिक सके। कई बार लोग यह पूछते हैं कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती, जबकि असली वजह यही गलत समय होता है। यह जांच आईवीएफ फेल होने के कारण को कम करने में मदद करती है और सफलता की संभावना बढ़ाती है।
• सही समय की पहचान
• गर्भाशय की तैयारी की जांच
• असफलता की संभावना में कमी

प्रतिरक्षा तंत्र से जुड़ा उपचार

कुछ लोगों में शरीर का प्रतिरक्षा तंत्र भ्रूण को बाहरी तत्व मानकर स्वीकार नहीं करता। ऐसे मामलों में बार-बार आईवीएफ फेल होना देखा जा सकता है। यह तरीका प्रतिरक्षा तंत्र को संतुलित करने पर काम करता है और आईवीएफ असफल होने के मेडिकल कारण को नियंत्रित करने में मदद करता है।
• प्रतिरक्षा संतुलन
• सूजन में कमी
• भ्रूण को स्वीकार करने की क्षमता में सुधार

कृत्रिम बुद्धिमत्ता से भ्रूण का चयन

इस तकनीक में विशेष प्रणाली के माध्यम से भ्रूण की तस्वीरों और उसकी बनावट का विश्लेषण किया जाता है। इससे यह पहचाना जा सकता है कि कौन सा भ्रूण बेहतर है। यह तरीका आईवीएफ फेल होने के कारण को पहले ही कम कर देता है और उन दंपतियों के लिए मददगार बनता है जो बार-बार यह सोचते हैं कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती।
• भ्रूण की गहराई से जांच
• बेहतर चयन
• सफलता की संभावना में बढ़ोतरी

व्यक्तिगत शरीर के अनुसार इलाज योजना

हर शरीर की जरूरत अलग होती है। इस तरीके में इलाज की योजना व्यक्ति की रिपोर्ट, हार्मोन स्तर और गर्भाशय की स्थिति देखकर बनाई जाती है। इससे आईवीएफ असफल होने के मेडिकल कारण पर सीधे काम किया जाता है और बार-बार आईवीएफ फेल होना जैसी समस्या से बचाव होता है। कई लोग यह भी पूछते हैं कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती, और यही तरीका उस सवाल का व्यावहारिक जवाब देता है।
• शरीर के अनुसार दवा
• जांच के अनुसार इलाज
• बेहतर परिणाम

निष्कर्ष

इस पूरे लेख में आपने यह समझा कि आईवीएफ कोई एक जैसी प्रक्रिया नहीं है। हर शरीर अलग होता है और हर शरीर की जरूरत भी अलग होती है। इसी वजह से आईवीएफ फेल होने के कारण हर दंपती में अलग हो सकते हैं। कहीं हार्मोन संतुलन की कमी असर डालती है, कहीं गर्भाशय की तैयारी कमजोर होती है, तो कहीं प्रतिरक्षा तंत्र इलाज को स्वीकार नहीं करता। जब इन बातों को समय रहते नहीं पहचाना जाता, तो इलाज का नतीजा कमजोर पड़ सकता है।

बहुत से लोग आज भी यह सवाल मन में लेकर चलते हैं कि आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती, जबकि उन्होंने सभी जांचें करवाई होती हैं। असल बात यह है कि सिर्फ़ रिपोर्ट सामान्य होना काफी नहीं होता। शरीर की अंदरूनी तैयारी, जीवनशैली और सही समय पर सही इलाज भी उतना ही जरूरी होता है।

अगर आप इन बातों को समझकर आगे बढ़ते हैं और हर कदम सोच-समझकर उठाते हैं, तो आने वाले समय में सफलता की संभावना को बेहतर किया जा सकता है। सही जानकारी, सही जांच और धैर्य ही इस पूरे सफर को आसान बनाते हैं।

Frequently Asked Questions
आईवीएफ में सफलता क्यों नहीं मिलती?
क्योंकि हर शरीर की बनावट अलग होती है और हर शरीर दवाओं को अलग तरह से स्वीकार करता है। हार्मोन असंतुलन, गर्भाशय की तैयारी की कमी और अंडाणु या शुक्राणु की कमजोर गुणवत्ता आईवीएफ में रुकावट बन सकती है।
कितनी बार आईवीएफ फेल होने पर चिंता करनी चाहिए?
अगर दो बार लगातार नतीजा नहीं आता, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। इस स्थिति में छुपे हुए आईवीएफ फेल होने के कारण की गहराई से जांच करवाना ज़रूरी हो जाता है।
बार-बार आईवीएफ फेल होना क्या सामान्य है?
यह बहुत आम नहीं है, लेकिन कई दंपतियों में यह देखा जाता है। आमतौर पर इसके पीछे गर्भाशय की परत की कमजोरी, हार्मोन असंतुलन और प्रतिरक्षा तंत्र की प्रतिक्रिया जिम्मेदार होती है।
आईवीएफ फेल होने के बाद प्राकृतिक गर्भ संभव है?
कुछ मामलों में संभव होता है, खासकर जब समस्या अस्थायी हो और समय पर सही इलाज किया जाए। इसके लिए शरीर की पूरी जांच और सही सलाह बहुत ज़रूरी होती है।
क्या उम्र आईवीएफ की सफलता को प्रभावित करती है?
हाँ, बढ़ती उम्र के साथ अंडाणु की गुणवत्ता कम हो सकती है, जिससे आईवीएफ में रुकावट आ सकती है और बार-बार असफलता का खतरा बढ़ जाता है।
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Dr. Renu Lamba

Fertility & IVF Specialist | Founder – Gulmohar IVF, Panchkula

  • 10+ years of expertise in IVF, IUI, ICSI & fertility care
  • Specialized in PCOS, recurrent IVF failure & donor programs
  • Trained in advanced reproductive techniques & ultrasound
  • Known for ethical, transparent & patient-centered approach
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